Lyrics
[Intro] चुप घड़ी, धुआं सा वक़्त बहता
अदृश्य कदमों की ताल सुनाई देती
रूप अजनबी, गहरे में सोता
मौन भीतर, कहीं शिव जागता
[Verse 1] छाया ज्यों नदी, बहकती राहों में
रातें ठहरतीं टूटे हवाओं में
रेत की तरह गिरते सवालों में
छुपा है वजूद उनके साये में
[Chorus] धुंधला नयन, रात्रि की गहराई
शिव नटराज, तांडव की परछाई
पैरों के नीचे ज़मीन काँपती
हर धड़कन में छुपी तन्हाई
[Drop] तांडव, तांडव, shadows move slow
तांडव, तांडव, silence flows
[Verse 2] बीते सभी कल धूल में खो गए
आँखों में आग, मगर गिरते साये
सब कुछ मिटे, सब कुछ रचे
उसके नर्तन में सब कुछ बंधे
[Pre-Chorus] वो धुन है सूनी, हवा भी डूबी
सांसों की गिनती अंधेरे में रूकी
[Chorus] धुंधला नयन, रात्रि की गहराई
शिव नटराज, तांडव की परछाई
पैरों के नीचे ज़मीन काँपती
हर धड़कन में छुपी तन्हाई
[Drop] तांडव, तांडव, shadows move slow
तांडव, तांडव, silence flows
[Drop] तांडव, तांडव, shadows move slow
तांडव, तांडव, silence flows
[Outro] धुंधला नयन, शांति की परछाई
शिव नटराज, गहराई में समाई
रात की बाहों में तन्हाई बाँधे
शिव का तांडव, सब कुछ साधे